राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक स्टेच्यु ऑफ़ यूनिटी
🔘गुजरात के सरदार सरोवर बांध के पास साधुबेग द्वीप पर दुनिया की सबसे ऊँची (182मीटर ) प्रतिमा बनाई गई है | सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को स्टेच्यु ऑफ़ यूनिटी नाम दिया गया है |
🔘 तीन सौ इंजीनियर और तीन हजार मजदूरों ने लगातार 42 महीनों के अथक परिश्रम से यह संभव हो पाया|
🔘 सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा बनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए 7 अक्टूबर 2010 को की थी |
🔘 इस सपने को पूरा करने के लिए गुजरात सरकार की ओर से सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट बनाया गया |
🔘 इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नरेंद्र मोदी ने किसानो से अपने पुराने कृषक उपकरणों को दान करने की अपील की थी|
🔘 वर्ष 2016 तक कुल 135 टन स्क्रैप आयरन एकत्र हुआ, जिसमें 109 टन आयरन को प्रतिमा की नींव रखने में काम लिया गया |
🔘 सरदार पटेल की इस प्रतिमा में दो लिफ्ट लगी है |इस लिफ्ट से पर्यटक सरदार पटेल की प्रतिमा के हृदय स्थल तक जा सकते हैं | लिफ्ट से 26 लोग एक बार में गैलरी तक केवल 30 सेकंड में पहुंच जाते हैं |
🔘 स्टेचू ऑफ़ यूनिटी से बांध के अलावा नर्मदा के 17 किलोमीटर लंबे पथ पर 130 हेक्टेयर में फैली फूलों की घाटी देख सकते हैं |
🔘 प्रतिमा के साथ 153 मीटर की ऊंचाई पर दो सौ पर्यटको की क्षमता वाली एक दर्शक गैलरी बनाई गई है |यहां से दर्शक बांध और आसपास का प्राकृतिक नजारा देख सकते हैं |
🔘 भूतल पर सरदार पटेल के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी है| यहां से दो हाइस्पीड लिफ्ट से पर्यटक दर्शक़ गैलरी पर जा सकते हैं | पटेल की जीवन पर आधारित ऑडियो- विजुअल प्रस्तुति भी यहाँ दिखाई जाती है |
🔘 इस प्रतिमा को बनाने में 15 करोड से ज्यादा किसानों का योगदान महत्वपूर्ण है| जिन्होंने अपने पुराने कृषि औजारों को प्रतिमा के लिए दान किया था |
🔘 इस प्रतिमा का निर्माण भूकंपरोधी एवं जंगरोधी तकनीक से किया गया है |
🔘 सरदार पटेल की प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर इसलिए रखी गई है | क्योंकि गुजरात विधानसभा में 182 सीटें हैं |
🔘 स्टेचू ऑफ यूनिटी तीन परत वाली सरंचना है | इसमें सबसे निचली परत का निर्माण आरसीसी से हुआ है | इसमें 127 मीटर ऊंचे दो टावर हैं, जो मूर्ति की छाती तक हैं | दूसरी परत स्टील से बना ढांचा है | इसके बाद आठ मिलीमीटर मोटे कांस्य से तीसरी परत का निर्माण हुआ
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